Bhagvat Katha (PB)

Bhagvat Katha (PB)

Rs. 200/-

  • ISBN:978-81-7309-2
  • Pages:352
  • Edition:Fifth
  • Language:Hindi
  • Year:2011
  • Binding:Paper Back

प्रस्तुत पुस्तक में श्रीमद्भागवत का संक्षिप्त हिंदी-रूपांतर दिया गया है। पाठक जानते हैं कि भारतीय वाड.्मय में श्रीमद्भागवत का महत्वपूर्ण स्थान है और उसकी कथाएं जहां रोचक हैं, वहां शिक्षाप्रद भी हैं। पुस्तक इतनी सरल और सुपाठ्य है कि पाठक इसे चाव से पढ़ेंगे। पश्चिमी विचारधारा ने हमारे देश की दृष्टि भौतिकता की ओर मोड़ दी है और आज हमारी उपलब्धियों के मापदंड में बड़ा परिवर्तन हो गया है, फिर भी जिस भूमि के कण-कण में धर्म व्याप्त रहा हो, वह पूर्णतया धर्म-विहीन कैसे हो सकती है? हमें यह देखकर हर्ष होता है कि आज भी हमारे करोड़ों देशवासियों में धार्मिक साहित्य की भूख है। आवश्यकता इस बात की है कि उन्हें ऐसा साहित्य दिया जाए, जो उनके संस्कारों को पुष्ट ओर उनके विवेक को संतुष्ट करे। यह उसी दिशा का प्रकाशन है।

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