Devdashi (PB)

Devdashi (PB)

Rs. 50/-

  • ISBN:978-81-7309-2
  • Pages:192
  • Edition:Fifth
  • Language:Hindi
  • Year:2007
  • Binding:Paper Back

 

यह मराठी के उच्चकोटि के उपन्यास ‘भावीण’ कहा हिंदी रूपांतर है। समाज में गिरे हुए माने जाने वाले व्यक्तियों के हृदय कभी-कभी कितने ऊंचे होते हैं, इसे दृष्टान्त हमारे समाज में अनेक हैं; लेकिन उन्हें देखने के लिए साधक की दृष्टि चाहिए और हमें यह कहते हुए संकोच नहीं होता कि वह दृष्टि इस उपन्यास के लेखक के पास मौजूद है। तभी तो एक तिरस्कृत ‘देवदासी’ सीता-सावित्री की समान अपने चरित्र की ऊंचाई से मानव-समाज के सम्मुख एक आदर्श उपस्थित करती है। उपन्यास की सबसे बड़ी खूबी यह है कि उसमें पात्रों और घटनाओं की भरमार नहीं है। इसलिए उपन्यास के पढ़ने में पाठक पर जोर नहीं पड़ता। सीमित पात्र और घटनाएं होने के कारण उपन्यास बहुत प्रभावशाली बन पड़ा है।

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